
बस्ती
मनरेगा योजना बना कामधेनु, मनरेगा मजदूरों के नाम पर लाखों का गोलमाल।
मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल जारी, सरकारी धन का हो रहा बंदरबांट।
मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत मजदूरों को रोजगार तो नहीं दे रहा बल्कि सचिव व प्रधान धन से बलवान हो रहे हैं। ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत फर्जी हाजिरी भर कर पैसा निकालने का सिलसिला जोरों पर है।
जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों में आंकड़े सेट कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। मनरेगा में लूट की मची छूट प्रधान व सचिव हो रहे हैं धनवान।
फोटो से फोटो बना कर साइड पर अपलोड कर लगाई जाती है फर्जी हाजिरी।
ऐसा ही मामला सामने आया सल्टौआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेतौहा में। लोकसिहरवा सरहद से बाराह क्षेत्र तक मिट्टी कार्य पर फर्जी हाजिरी लगाई ई जा रही। मीडिया टीम की पड़ताल में 50 मजदूरों की जगह नहीं मिले एक भी मजदूर।
सवाल— यह उठ रहा है कि जिम्मेदारो कि मिलीभगत से हो रहा है मनरेगा योजना में जमकर भष्ट्राचार ।
विभागीय जिम्मेदार जाने किसके सह पर हो रहा भ्रष्टाचार।






















